आइसबर्ग ऑर्डर (Iceberg Order)
सरल शब्दों में: आइसबर्ग ऑर्डर एक व्हेल के वास्तविक आकार को एक बार में केवल एक छोटा टुकड़ा दिखाकर छिपाता है — इन ऑर्डरों का पता लगाने से पता चलता है कि बड़ा पैसा वास्तव में कहां स्थित है।
आइसबर्ग ऑर्डर एक बड़ा ऑर्डर है जो ऑर्डर बुक पर प्रदर्शित एक छोटे दृश्य भाग में विभाजित होता है, शेष छिपा होता है।
यह कैसे काम करता है
आइसबर्ग ऑर्डर यांत्रिकी:
- ट्रेडर 100 BTC पर $60,000 पर लिमिट ऑर्डर रखता है
- "डिस्प्ले क्वांटिटी" 5 BTC कॉन्फ़िगर करता है
- जब वे 5 BTC भर जाते हैं, तो और 5 BTC स्वचालित रूप से दिखाई देते हैं
- यह तब तक दोहराया जाता है जब तक पूरा 100 BTC निष्पादित न हो जाए
पता लगाने की तकनीकें:
- एक ही कीमत पर बार-बार समान आकार की फिल
- ऑर्डर बुक "फ्लिकरिंग"
- टाइम एंड सेल्स पैटर्न
ट्रेडरों के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
आइसबर्ग डिटेक्शन विशिष्ट स्तरों पर वास्तविक संस्थागत रुचि प्रकट करता है। आइसबर्ग दीवारें अस्थायी समर्थन/प्रतिरोध बनाती हैं। आइसबर्ग का गायब होना उच्च-संभावना रिवर्सल संकेत है।
सामान्य गलतियाँ
- बड़े दृश्य ऑर्डर को आइसबर्ग समझना
- एंट्री के लिए आइसबर्ग डिटेक्शन पर बहुत अधिक निर्भर रहना
- आइसबर्ग गायब होने पर पीछा करना

