ओपन इंटरेस्ट (Open Interest)
सरल शब्दों में: ओपन इंटरेस्ट उन सभी सक्रिय डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की गिनती है जो अभी तक निपटाए नहीं गए हैं। हर कॉन्ट्रैक्ट को एक खरीदार और विक्रेता की आवश्यकता होती है, इसलिए OI आपको बताता है कि वर्तमान में "खेल में" कितना कुल पैसा है।
यह कैसे काम करता है
मूलभूत समीकरण: OI एक कॉन्ट्रैक्ट बढ़ जाता है जब दोनों खरीदार और विक्रेता एक नई स्थिति खोलते हैं।
OI हीटमैप एक दूसरा आयाम जोड़ते हैं।
अस्थिरता से पहले OI स्पाइक्स।
यह ट्रेडरों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है
1. OI प्राइस ट्रेंड की पुष्टि या अस्वीकृति करता है।2. OI चरम बिंदु स्थानीय टॉप और बॉटम चिह्नित करते हैं।3. विशिष्ट मूल्य स्तरों पर OI मैग्नेट ज़ोन प्रकट करता है।
सामान्य गलतियाँ
1. OI को वॉल्यूम समझने की गलती।2. एक्सचेंज-स्तरीय OI को अनदेखा करना।3. अलगाव में OI का उपयोग करना।
FAQ
प्रश्न: OI और ट्रेडिंग वॉल्यूम में क्या अंतर है? उत्तर: वॉल्यूम टर्नओवर है; OI इन्वेंट्री है।
प्रश्न: बुल ट्रेंड के दौरान OI में गिरावट की व्याख्या कैसे करूं? उत्तर: यह डिस्ट्रीब्यूशन है — विक्रेता रैली को अवशोषित कर रहे हैं।
प्रश्न: क्या छोटे टाइमफ्रेम पर OI मायने रखता है? उत्तर: 1-घंटे से नीचे OI परिवर्तन शोर हैं।

